बगलामुखी प्रार्दुभाव कथाः-

शास्त्रों के अनुसार सतयुग में सम्पूर्ण जगत को नष्ट करने वाला भयंकर तूफान आया। सम्पूर्ण प्रणीयों के जीवन पर आए संकट को देख कर भगवान बिष्णु बहुत चिन्तित होकर भगवान शिव के पास गए इस पर भगवान शिव ने भगवान बिष्णु को मां शक्ति की अराधना करने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद भगवान बिष्णु सौराष्ट्र देया में हरिद्रा नामक सरोवर के समीप जा कर आदि शक्ति को प्रसन्न करने के लिए जप करने लगे। भगवान बिष्णु के तप से प्रसन्न होकर मां भगवती सरोवर से बगलामुखी देवी के रूप में प्रकट हुई तथा उस भयंकर तूफान का सतम्भन कर दिया। इस लिए बगलामुखी देवी को सतम्भन की देवी भी कहा जाता है। बगलामुखी देवी पीले वस्त्र धारण करती है तथा इन्हें पीला रंग बहुत प्रिय है बगलामुखी देवी का एक नाम पीताम्बरा भी है।

बगलामुखी ध्यान मन्त्रः-

मध्ये सुधाब्धि मडिमण्डप रत्न वेद्यांम्
सिंहांसेनापरिगतां परिपीतवर्णाम।
पीताम्बराभरण माल्य विभषितांग्डी
देवी स्मारामि धृत मुदगर वैरिजीवह्मम।।

बगलामुखी मूल मन्त्रः-

ॐ ह्रीं बगलामुखी सर्व दुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तम्भय जिह्वां कीलयं बुद्धिं विनाशय ह्रीं ॐ स्वाहा।

बगलामुखी शाब्दिक अर्थः-

बगलामुखी अर्थात बगलामुखमिव मुखं यस्याः सा।।
अर्थात बगला के समान मुख वाली देवी।

बगलामुखी देवी का संक्षिप्त परिचयः-

बगलामुखी देवी तन्त्र की देवी है। महाकाली के दशावतार जिन्हें दश महाविद्या के नाम से जाना जाता है। इन दश महाविद्याओं में आठवीं महाविद्या बगलामुखी देवी है। बगलामुखी देवी षटकर्म सिद्धि प्रदान करने वाली शक्ति है। साधक विशेषता शत्रु नाश हेतू बगलामुखी देवी की साधना करते है। विद्वान आदिकाल से मारण मोहन वशीकरण सतम्भन उच्चाटन विद्वेषण हेतू मां बगलामुखी देवी तन्त्र विद्या का प्रयोग करते हैं। बगलामुखी को पीताम्बरा, शत्रुनाशनी, ब्रहमास्त्र विद्या तथा गुप्त विद्या आदि नामों से सम्बोधित किया जाता है। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में बनखण्डी नामक स्थान में स्थित प्राचीन बगलामुखी मन्दिर का सम्बन्ध त्रेतायुग से प्रतीत होता है बगलामुखी शतनाम स्त्रोत के अनुसार:

लंकापति ध्वंसकरी लंकेशरिपु वंदिता।
लंकानाथ कुल हरा महारावण हारिणी।।

अर्थात:- रावण तथा उसके कुल नाश करने वाली पौराणिक कथाओं के अनुसार हनुमान जी की प्रेरणा से भगवान राम ने इस स्थान पर बगलामुखी की मूर्ति स्थापना कर तांत्रिक विधी से यज्ञ पूजन कर बगलामुखी की अराधना करने के उपरान्त रावण पर विजय प्राप्त की थी। कालांतर में बड़े-बड़े ऋषि मुनियों तथा महापुरूषों ने इस स्थान पर विशेष साधना की तथा सिऋियां प्राप्त कीं।

मां बगलामुखी का पूजन शत्रुनाश न्यायलये विजय प्राप्ति राजनैतिक विजय ऋण मुक्ति तथा भयंकर रोगनाशक एवं तन्त्र मन्त्र की बाधा निवारण हेतू विशेष फलदायी है। कलयुग में विशेष रूप बगलामुखी देवी शीघ्र प्रस्न्न होकर साधकों की मनोकामना सिद्व करती है।

मां बगलामुखी का मंत्र कौन सा है?

 ॐ ह्रीं बगलामुखी सर्व दुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तम्भय जिह्वां कीलयं बुद्धिं विनाशय ह्रीं ॐ स्वाहा।

बगलामुखी मंत्र कब करना चाहिए?

हिंदू धर्म ग्रंथों के मुताबिक़, मां बगलामुखी की साधना रात्रि के प्रहर में की जाती है. इन्हें पीला रंग बेहद प्रिय है. इस लिए इन्हें पीताम्बरा भी कहते हैं.  

बगलामुखी जाप कितना करना चाहिए?

इनकी पूजा में विशेष रूप से पीले रंग का उपयोग किअपने चुने हुए मंत्र का कितनी भी संख्या में जप करें। बगलामुखी मंत्रों की आदर्श गिनती 1,25,000 बार है ।जप करते समय बगलामुखी का चित्र अपने सामने रखें और स्वरूप पर ध्यान

करें।

बगलामुखी का पाठ करने से क्या होता है?

माता बगलामुखी की पूजा करने से शत्रुओं की पराजय होती है और सभी तरह के वाद-विवाद में विजय प्राप्त होती है। मां बगलामुखी की पूजा से लाभ शत्रुनाश, वाकसिद्धि, वाद-विवाद में विजय आदि के लिए मां बगलामुखी की साधना काफी शुभ एवं लाभ पहुंचाने वाली है। बगलामुखी मां की उपासना से हर प्रकार के तंत्र से निजात मिलती है

मां बगलामुखी को क्या चढ़ाएं?

देवी बगलामुखी को हल्दी की माला और फूल चढ़ाएं। थोड़ी सी पीली सरसों हाथ में लेकर चारों दिशाओं में बिखरा दें। अब देवी बगलामुखी के बीज मंत्र का जाप करें। अंत में देवी को कुछ पीली मिठाई का भोग लगाएं।

बगलामुखी किसका रूप है?

दस महाविद्याओं में अष्टम स्वरूप माता बगलामुखी का है। इनका ध्यान बगुला पक्षी की तरह एकाग्र है। इसलिए इन्हें बगलामुखी कहते हैं। विशेष रूप से मां का पूजन शत्रु पर विजय, राजनीतिक जीत, बच्चों की शिक्षा, मुकदमों में विजय के लिए किया जाता है।

बगलामुखी मंदिर क्यों प्रसिद्ध है?

यह माँ बगलामुखी का सबसे प्रसिद्ध और शक्तिशाली शक्तिपीठ है । कानूनी मामलों में जीत के लिए इस मंदिर में की जाने वाली पूजा बेहद शक्तिशाली होती है। बगलामुखी की पूजा शक्ति, विजय, कटने, चोट के निशान, संचालन और दुर्घटनाओं से बचाव और शत्रुओं पर प्रभुत्व के लिए की जाती है।

बगलामुखी का अर्थ क्या है?

बगलामुखी का अर्थ– बगला शब्द संस्कृत भाषा के वल्गा का अपभ्रंश है, जिसका अर्थ होता है दुल्हन। कुब्जिका तंत्र के अनुसार, बगला नाम तीन अक्षरों से निर्मित है व, ग, ला; ‘व’ अक्षर वारुणी, ‘ग’ अक्षर सिद्धिदा तथा ‘ला’ अक्षर पृथ्वी को संबोधित करता है। अत: मां के अलौकिक सौंदर्य और स्तंभन शक्ति के कारण ही इन्हें यह नाम प्राप्त है।

 10 महाविद्याओं में से एक मानी जाती हैं मां बगलामुखी. मान्यता है कि सौराष्ट्र के हरिद्रा नामक सरोवर से मां बगलामुखी की उत्पत्ति हुई थी. कहा जाता है कि देवी को पीला रंग बहुत प्रिय है

आप अपने घर में किसी एकान्त स्थान या पूजा-कक्ष में पश्चिम दिशा में भगवती बगलामुखी की प्रतिमा स्थापित करें। प्रतिमा का मूख पूर्व दिशा की तरफ़ होना चाहिए। आपके बैठने के लिए हमेशा पीले रंग के ऊनी आसन का ही प्रयोग श्रेष्ठ है। इसके पश्चात्, बगलामुखी यन्त्र के समक्ष शुद्ध गाय का घी का दीपक प्रज्वलित करें।

पीले वस्त्र पहनना और पीली हल्दी की माला से जाप करना। तिल और चावल में दूध मिलाकर माता का हवन करने से श्री प्राप्ति होती है और दरिद्रता दूर भागती है। गूगल और तिल से हवन करने से कारागार से मुक्ति मिलती है। अगर वशीकरण करना हो तो उत्तर की ओर मुख करके और धन प्राप्ति के लिए पश्चिम की ओर मुख करके हवन करना चाहि

भगवान विष्णु ने तप करके महात्रिपुरसुन्दरी को प्रसन्न किया तथा देवी शक्ति उनकी साधना से प्रसन्न हुईं और सौराष्ट्र क्षेत्र की हरिद्रा झील में जलक्रीड़ा करतीं महापीत देवी के हृदय से दिव्य तेज उत्पन्न हुआ। उस समय चतुर्दशी की रात्रि को देवी बगलामुखी के रूप में प्रकट हुईं।

शास्त्रों में गायत्री मंत्र को बेहद शक्तिशाली बताया गया है. यही नहीं इसे महामंत्र कहा गया है. गायत्री मंत्र ‘ॐ भूर्भव: स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो न: प्रचोदयात्’ 24 अक्षरों से बना है. यदि इस मंत्र के अर्थ को समझकर इसका एकाग्रता के साथ जाप किया जाए तो जातक का शरीर सकारात्मक ऊर्जा से भर जाता है

माँ पीतांबरा शत्रु नाश की अधिष्ठात्री देवी है और राजसत्ता प्राप्ति में माँ की पूजा का विशेष महत्व होता है. मंदिर में मां पीतांबरा के साथ ही खंडेश्वर महादेव और धूमावती के दर्शनों का भी सौभाग्य मिलता है. मंदिर के दायीं ओर विराजते हैं खंडेश्वर महादेव, जिनकी तांत्रिक रूप में पूजा होती है.